Sahayak Rojgar India – एंबुलेंस सेवा
आपात स्थिति में हर पल तैयार, जीवन बचाने की हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता!
भारत में हजारों श्रमिक रोजगार के लिए अपने गाँव-घर से दूर अन्य राज्यों में काम करने जाते हैं। कई बार वहाँ दुर्भाग्यवश अचानक दुर्घटना के कारण मृत्यु हो जाती है। ऐसी स्थिति में न तो शव को उसके घर तक पहुँचाने की कोई व्यवस्था होती है और न ही परिवार के पास इतने पैसे होते हैं कि 1 से 2 लाख रुपये खर्च करके शव को अपने गाँव तक ला सकें। कई बार तो मृतक को कार्यस्थल पर ही जला दिया जाता है, जिससे परिवार अंतिम दर्शन तक नहीं कर पाता।
इसी गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए, सहायक रोजगार इंडिया ने “एम्बुलेंस सेवा” की शुरुआत की है। यह सेवा उन सभी श्रमिक भाइयों के लिए है, जो रोजगार के सिलसिले में अपने घर से दूर अन्य राज्यों में काम करने जाते हैं। इस सेवा का लाभ लेने के लिए आपको संस्था का सदस्य बनना अनिवार्य है।
सदस्यता शुल्क मात्र ₹499 है।
सदस्य बनने के बाद यदि किसी श्रमिक की मृत्यु कार्यस्थल पर होती है, तो संस्था अपनी एम्बुलेंस सेवा से शव को सम्मानपूर्वक उसके गाँव तक पहुँचाएगी और परिजनों को अंतिम दर्शन कराएगी। साथ ही, सरकार द्वारा दी जाने वाली संबंधित मृत्यु सहायता योजना का लाभ भी दिलवाया जाएगा।
सरकारी सहायता योजनाएँ (सदस्यों के लिए मार्गदर्शन)
- ऐसे श्रमिक जो अपने राज्य से अन्य राज्यों में काम करने के लिए जाते हैं, और वहाँ किसी कारणवश दुर्घटना के दौरान अपंग हो जाते हैं, उन्हें ₹50,000/- से ₹1,00,000/- रुपये तक तथा मृत्यु होने पर ₹2,00,000/- से ₹2,50,000/- रुपये तक की सहायता राशि सभी राज्य सरकारें अपने-अपने नियम के अनुसार प्रदान करती हैं।
- ऐसे श्रमिक जिनका भविष्य निधि (पी.एफ.) जमा होता है और कार्यस्थल पर मृत्यु हो जाती है, तो भविष्य निधि फंड की ओर से श्रमिक के नामित व्यक्ति (नॉमिनी) को ₹7,50,000/- रुपये तक की राशि प्रदान की जाती है। इसके साथ ही पेंशन योजना के अंतर्गत परिजनों को ₹2,000/- से ₹5,000/- रुपये प्रतिमाह पेंशन भी दी जाती है।